मालिक तेरी रज़ा रहे
मालिक तेरी रज़ा रहे
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[Verse 1]
टूटी हुई ज़ुबां से भी
तेरा ही नाम निकले
सूखे हुए बदन पे भी
तेरी ही छाँव टिके

आँखों में जो नमी है
वो भी तुझी से माँगूं
साँसों की हर गिरह में
बस तेरा ज़िक्र बाँधूँ

[Chorus]
मालिक तेरी रज़ा रहे
और तू ही तू रहे
बाकी न मैं रहूँ
न मेरी आरज़ू रहे

दिल में तेरी सदा रहे
और तू ही तू रहे
बाकी न कोई रंग
न मेरी कोई गुज़रिश रहे

[Verse 2]
जेबों में चाह थोड़ी
ख़्वाहिश के दो क़तरे
फिर भी ये दिल ये बोले
और भी दे इशारे

तू ही बता मेरे मालिक
इन धागों को मैं क्या दूँ
तोड़ भी दूँ तो काँपूँ
छोड़ भी दूँ तो क्यों झुकूँ

[Chorus]
मालिक तेरी रज़ा रहे
और तू ही तू रहे
बाकी न मैं रहूँ
न मेरी आरज़ू रहे

दिल में तेरी सदा रहे
और तू ही तू रहे
बाकी न कोई रंग
न मेरी कोई गुज़रिश रहे

[Bridge]
जब भी मैं अपने सीने में
कोई नई ख्वाहिश पाऊँ
चुपके से तेरी राहों पर
रखकर तेरा कर दूँ

खाली हथेली लेकर
दर पे जो आ गिरूँ
तू मुस्कुरा के बोल
अब तो सिर्फ मैं ही मैं रहूँ

[Chorus]
मालिक तेरी रज़ा रहे
और तू ही तू रहे
बाकी न मैं रहूँ
न मेरी आरज़ू रहे

दिल में तेरी सदा रहे
और तू ही तू रहे
बाकी न कोई रंग
न मेरी कोई गुज़रिश रहे