
तेरी पनाह में
MoodyHindiballadwithintimatemalevocals,softelectricpianoandairypads;versesstayhushedandclose-mic’d,chorusbloomswithwarmreverb,distantvocalharmonies,andadeep,slowbeatthatswellsthenpullsbackforemotionalpauses
[Verse 1] रात की चादर में लिपटा सा दिल तेरा ही नाम पुकारे ख़ामोशी की इन गलियों में तेरे क़दमों की आहट उतारे टूटा नहीं हूँ बस बिखरा हूँ तेरी यादों के साए में साँसें चलती हैं मगर ये रूह रहती है तेरी पनाह में [Chorus] तेरी पनाह में तेरी पनाह में खोया रहता हूँ हर पल हर राह में आधी सी हँसी अधूरे से ख्व़ाब सबके जवाब हैं तेरी निगाह में तेरी पनाह में तेरी पनाह में (ओ ओ) दिल रख दिया है तेरी निगरानी में लौटा तो सकता हूँ इन रास्तों से निकल न पाऊँगा तेरी दास्तां से [Verse 2] खिड़की पे ठहरी धूप भी अब तेरे चेहरे सी लगती है तकिये से बातें करता हूँ मैं तेरी महक सी बसती है कल की तमन्ना आज का सुकून सब कुछ तुझमें मिलता है दूर भी रहकर तू हर लम्हा मेरे अंदर ही जलता है [Chorus] तेरी पनाह में तेरी पनाह में खोया रहता हूँ हर पल हर राह में आधी सी हँसी अधूरे से ख्व़ाब सबके जवाब हैं तेरी निगाह में तेरी पनाह में तेरी पनाह में (हाये) दिल रख दिया है तेरी निगरानी में लौटा तो सकता हूँ इन रास्तों से निकल न पाऊँगा तेरी दास्तां से
